
फिरौती के लिए मांगे गए ₹50 हजार, शादी से पहले उजड़ा घर; पुलिस पर लापरवाही का आरोप
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डेमोटांड़ के पास स्थित पौता जंगल से तीन युवाओं के शव बरामद हुए हैं। मृतकों में दो बहनें और उनका ममेरा भाई शामिल हैं, जो बीते 23 अप्रैल से लापता थे।
मृतकों की पहचान पौता गांव निवासी खुशी परवीन और सानिया परवीन के रूप में हुई है, जबकि तीसरा शव उनके ममेरे भाई आदिल हुसैन का है, जो कटकमदाग के सुल्ताना गांव का रहने वाला था और अपने ननिहाल आया हुआ था।
जानकारी के अनुसार, तीनों 23 अप्रैल की शाम आम तोड़ने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 24 अप्रैल को मुफस्सिल थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शुरू से ही अपहरण की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसी बीच सुहैल नाम के एक युवक ने परिजनों से संपर्क कर दावा किया कि तीनों की लोकेशन मोरांगी में है और उन्हें सुरक्षित छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की।
घटना ने उस समय और भयावह मोड़ ले लिया, जब 27 अप्रैल की सुबह ग्रामीणों ने पौता जंगल में दुर्गंध महसूस की। पास जाकर देखने पर तीनों के शव बरामद हुए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस दर्दनाक घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। खुशी परवीन की शादी 19 मई को होने वाली थी और उसने दुमका एग्रीकल्चर कॉलेज में दाखिला भी लिया था। वहीं, सानिया परवीन केबी विमेंस कॉलेज की छात्रा थी। खुशियों से भरे घर में अब मातम पसरा है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जता रहे हैं।







